Monday, 16 March 2015

दिल्ली

मेरे लिए क्या कर सकते हो? कुछ भी! कुछ भी में क्या? कुछ भी...ह्म्म्म.. हां। केजरीवाल सी मोहब्बत करूंगा। तुम्हारे लिए सारी दुनिया से लड़ जाऊंगा। कैसे? केजरीवाल जैसे। इस पार एक अकेला आदमी और उस पार सारी दुनिया उसके पीछे। उसका क्या होगा मालूम नहीं। जीतेगा हारेगा.. पर शिद्दत क्या होती है, उस बंदे से पूछो। कोहराम मचा रखा है।

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